बिगड़ी बात संभालने अमित शाह 12 जुलाई को पहुंचेंगे पटना, नीतीश से होगी दो बार मुलाकात

पटना :

आगामी आम चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और जनता दल(यू) के बीच लंबे समय से चल रहे खींचतान के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पटना पहुंच रहे हैं। दोनों सहयोगी दलों के बीच की खाई को पाटने और 2019 के चुनाव की रणनीति बनाने के लिहाज से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस दौरे को खास माना जा रहा है।

अमित शाह 12 जुलाई को पटना आने के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुबह का जलपान और रात्रिभोज करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने आज बताया कि शाह आगामी 12 जुलाई को सुबह 10 बजे पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे जहाँ बिहार भाजपा नेता उनकी अगवानी करेंगे।

राय ने बताया कि शाह के पटना पहुँचने के बाद वह राजकीय अतिथिशाला जायेंगे जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ सुबह का जलपान करेंगे।

उन्होंने बताया कि शाह 11.30 बजे से 12.30 बजे तक बापू सभागार में आयोजित पार्टी की सोशल मीडिया इकाई की बैठक में भाग लेंगे। फिर ज्ञान भवन में 12.45 बजे से 1.45 बजे दोपहर तक विस्तारकों की बैठक में भाग लेंगे और वहीं दोपहर का भोजन करेंगे।

भाजपा नेता ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ अपराहन 2.30 बजे से 3.30 बजे तक शक्ति केंद्र प्रभारियों की बैठक बापू सभागार में होगी जिसके बाद वे राजकीय अतिथिशाला में अपराहन 4.00 बजे से शाम 7.00 बजे तक लोकसभा चुनाव तैयारी समिति की बैठक में भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि दिन भर की व्यस्त गतिविधियों के बाद अमित शाह जी मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार जी के साथ रात्रि भोजन करेंगे।

इस दौरे के दौरान वह जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने बताया कि दोनों की मुलाकात 12 जुलाई को सुबह के नाश्ते या फिर रात्रिभोज पर हो सकती है।

क्यों अहम है ये मुलाकात

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश और शाह की इस मुलाकात के बाद पार्टी में सींट बंटवारे को चल रहे विवाद पर लगाम लगेगी। बता दें कि नीतीश काफी समय से इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि भाजपा उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए कितनी सीटों का ऑफर देती है।

पिछले दिनों जदयू कार्यकारिणी की बैठक में सीट बंटवारे को लेकर काफी विवाद हुआ था उसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि हमारा भाजपा से गठबंधन सिर्फ बिहार में हुआ है राज्य के बाहर इस गठबंधन के बारे में कोई चर्चा नहीं हैं।

महागठबंधन में शामिल होने के लगाए जा रहे कयासों के बीच नीतीश ने साफ किया था कि दोनों पार्टियों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कोई गठबंधन नहीं हुआ है। जहां तक हमारे राजनीतिक रिश्तों की भाजपा से बात है तो मैं यह कह देना चाहता हूं कि आप किसी एक पार्टी से एक जगह गठबंधन करें और दूसरे से दूसरी जगह पर यह बिलकुल संभव नहीं है।

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