बिहार – एनडीए में दावेदारी की राजनीति शुरू, जदयू बोली- हम बड़े भाई, 25 सीट से कम मंजूर नहीं, तेजस्वी ने ली चुटकी

जदयू की कोर कमिटी की बैठक में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मौजुदगी में आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी महासचिव पवन वर्मा ने विशेष राज्य के दर्जे की मांग को दोहराते हुए दावा किया कि बिहार में आगामी आमचुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा।

पटना – सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने साफ कर दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए के घटक उनके नेता सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेंगे और उनकी पार्टी 25 सीटों से कम पर समझौता नहीं करेगी।
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार दोपहर पार्टी के कोर कमिटी की बैठक बुलाई। पटना में उनके सरकारी आवास पर लंबी चली बैठक के बाद पार्टी महासचिव के सी त्यागी ने साफ किया कि बिहार में एनडीए गठबंधन में उनकी पार्टी जदयू बड़े भाई की भूमिका में, इसलिए उनके नेता सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी 25 सीटों से कम पर समझौता नहीं करेगी।
बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों में से अभी 22 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है जबकि 6 पर रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति और 3 पर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी का कब्जा है। जब लोकसभा चुनाव हुए थे तब नीतिश एनडीए से अलग थे। उनके कुल दो सांसद हैं। हालांकि, बिहार विधानसभा में जदयू बीजेपी से बड़ी पार्टी है।
इस बैठक में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी मौजूद थे। बैठक में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी महासचिव पवन वर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर अपने रूख पर कायम है। वर्मा ने कहा कि बैठकमें एनडीए के स्वरूप पर कोई चर्चा नहीं हुई बल्कि सिर्फ पार्टी के मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा।
आगामी 7 जून को बिहार एनडीए की बैठक के पहले जद यू की ओर से पेश की गई इस दावेदारी को सहयोगी दलों पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जोकीहाट उप चुनाव हारने के बाद जदयू नेता ने इसका ठीकरा केंद्र की मोदी सरकार पर फोड़ा था। इसके बाद एनडीए के एक अन्य सहयोगी और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी आरोप लगाएथे कि एनडीए में सहयोगी दलों की नहीं सुनी जाती है।
इसके बाद 7 जून को बिहार एनडीए की बैठक तय हुई। इस बैठक में लोकसभा चुनाव पर चर्चा की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बैठक की अध्यक्षता नीतीश कुमार ही करेंगे लेकिन इसमें बीजेपी, आरएलएसपी और एलजेपी के तमाम नेता मौजूद रहेंगे। उधर, लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने रविवार को ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की।
उधर बिहार की विपक्षी पार्टी आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने जेडीयू की बैठक पर चुटकी भी ली है। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, ‘सुशील मोदी बताएं कि क्या नीतीश जी बिहार में नरेंद्र मोदी से बड़े और ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?, नीतीश के प्रवक्ता सुशील मोदी क्या अब भी जेडीयू के हाथों अपने सबसे बड़े नेता को बेइज्जत कराते रहेंगे?’

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