फेक न्यूज़ पर सरकार की चिंता वाजिब, हिंसा की घटना भयावह, ऐप का दुरूपयोग रोकेंगे – व्हाट्सऐप

नई दिल्ली :

 

सोशल मैसेजिंग एप व्हाट्स ऐप पर फैलाए गए भ्रामक खबरों की वजह से हाल ही सामने आए मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐप की ओर से इन घटनाओं को जघन्य और भयावह बताया गया है। व्हाट्स ऐप की ओर से केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं भयावह हैं और ऐप के दुरूपयोग को रोकने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।

 

देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को निर्देश दिए थे कि वह ‘गैर-जिम्मेदार और विस्फोटक मेसेज’ को अपने प्लैटफॉर्म पर फैलने से रोके। सरकार ने वॉट्सऐप से यह भी कहा था कि कंपनी इस मुद्दे पर जवाबदेही से नहीं बच सकती है। हालांकि कंपनी ने इस काम में केंद्र सरकार से भी मदद की जरूरत बताई है। कंपनी ने कहा कि उसके प्लेटफॉर्म के जरिए इन मैसेज को रोकना एक चुनौती है और इसके लिए उनके और भारत सरकार के बीच पार्टनरशिप की जरूरत है।

 

वॉट्सऐप ने बुधवार को सरकार से कहा, ‘वह प्लैटफॉर्म पर फैलाई जा रहीं फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को लेकर चितिंत है। इस मामले में सरकार, समाज और टेक्नॉलजी कंपनियों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।’ पत्र में कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हिंसा के मामलों पर वह भी चिंतित है।

 

वॉट्सऐप ने लेटर में लिखा, ‘आपके 2 जुलाई के पत्र के लिए धन्यवाद। भारत सरकार की तरह हम भी इस मामले को लेकर फिक्रमंद हैं। हम मानते हैं कि यह एक चुनौती है और इससे निपटने के लिए सरकार, समाज और तकनीकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा।’

 

3 जुलाई को आईटी मंत्रालय को भेजे गए लेटर में WhatsApp ने लिखा है कि वह लोगों को उन जानकारियों से वाकिफ करा रहा है जिससे लोग सुरक्षित रह सकें। साथ ही वह ग्रुप चैट में भी तब्दीली कर रहा है ताकि फेक मैसेज को फैलने से रोका जा सके।

 

फेसबुक कर रहा है नया लेबल टेस्ट

 

WhatsApp ने कहा है कि वह भारत में लंबे समय तक पब्लिक सेफ्टी कैंपेन चलाना चाहता है और इसके लिए वह पिछले कुछ समय से नया लेबल टेस्ट कर रहा है। यह लेबल दिखाता है कि यूजर ने कब मैसेज फॉरवर्ड किया और कब क्या लिखा। इसके जरिए जिस यूजर को मैसेज भेजा गया है उसे पता चल जाएगा कि जो कंटेंट वह पढ़ रहा है वह सामने वाले ने लिखा है या किसी अफवाह को फैलाने के लिए भेजा गया है। उन्होंने लिखा है कि वे यह फीचर जल्द ही लॉन्च करने जा रहे हैं।

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों WhatsApp के जरिए बच्चों को अगवा करने की भ्रामक खबर फैली थी, जिसके बाद 30 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है।

 

फेक न्यूज रोकने के लिए Whatsapp तैयार कर रहा है रणनीति

 

Whatsapp ने कहा, “हम लोगों को नियमित रूप से बता रहे हैं कि ऑनलाइन सुरक्षित कैसे रहें। उदाहरण के तौर पर हम हर रोज बताते हैं कि कैसे फेक न्यूज को पहचानें। साथ ही हम जल्द ही इस संबंध में एजुकेशनल मटेरियल मुहैया कराएंगे. इस साल पहली बार हमने फैक्ट चेकिंग संगठन के साथ काम करना शुरू कर दिया है ताकि अफवाहों और फेक खबर को फैलने से रोका जा सके और WhatsApp का इस्तेमाल करते हुए उसका जवाब दिया जा सके। उदाहरण के तौर पर हमने इस संबंध में मैक्सिको प्रेसीडेंशियल चुनाव के लिए काम किया था। इस दौरान चुनाव से संबंधित जानकारी को लेकर यूजर्स ने हजारों फेक मैसेज भेजे थे। इसके जवाब में हमने यूजर्स को सही जानकारी मुहैया कराई थी और बताया था कि क्या फेक है और क्या सही। हम ब्राजील में इसी प्रोग्राम पर 24 न्यूज कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं, उम्मीद है कि इन दोनों मामलों से जो हमें सीख मिली है उसे हम भारत में इस्तेमाल करते हुए फेक न्यूज रोक पाएंगे।”

 

भारत में वॉट्सऐप के 20 करोड़ से ज्यादा ऐक्टिव यूजर्स हैं। इससे पहले वॉट्सऐप पर कुछ फर्जी अफवाहें फैलने के कारण देश के कई हिस्सों में बेगुनाह लोगों के मारे जाने की खबरों को लेकर सरकार ने वॉट्सऐप को निर्देश देते हुए कहा था कि वॉट्सऐप को फर्जी मेसेजेज को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे। कंपनी अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बच नहीं सकती।

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