कैलास मानसरोवर यात्रा: नेपाल में फंसे 158 भारतीय श्रद्धालु बचाए गए, 2 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

नई दिल्ली :

 

भारी बारिश के बाद नेपाल में फंसे तकरीबन डेढ़ हजार भारतीय श्रद्धालुओं को निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं। आज मौसम के हालात में थोड़ा सुधार के बाद सिमिकोट से नेपालगंज के बीच फंसे तकरीबन 158 श्रद्धालुओं को निकाला गया। इसी तरह करीब 200 यात्रियोंको हेलिकॉप्टर की मदद से हिलसा से सिमीकोट लाया गया है। दो मृतक यात्रियों के शवों को भी हवाई मार्ग से सिमिगंज और नेपालगंज से काठमांडू लाया गया है।

 

भारतीय दूतावास की ओर से इन दो तीर्थयात्रियों के शवों को लाने के लिए स्पेशल हेलिकॉप्टर रवाना किया गया था। केरल के लीला नारायण और आंध्र प्रदेश के सत्य लक्ष्मी नारायण सुब्बा राव की सांस लेने में तकलीफ और हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सोमवार से ही मौसम की खराबी की वजह से तकरीबन 1500 भारतीय तीर्थयात्री नेपालगंज-सिमीकोट-हिलसा मार्ग पर फंसे हुए हैं।

 

बताया जा रहा है कि सिमिकोट में फंसे 525 श्रद्धालुओं को बचाने के लिए दो कमर्शल फ्लाइट वहां लैंड हुई है। वहीं हिलसा में फंसे सैकड़ों श्रद्धालुओं को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी श्रद्धालुओं के लिए चलाए जा रहे अभियान पर पैनी नजर है।

 

पीएम मोदी की हालात पर पैनी नजर

 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करते हुए कहा है कि फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सरकार से सेना के हेलिकॉप्टरों का मदद लेने की गुजारिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, श्रद्धालुओं के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्य को लेकर विदेश मंत्रालयऔर अन्य शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में हैं। पीएम ने अधिकारियों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव मदद पहुंचाने को कहा है। नेपाल में भारतीय दूतावास श्रद्धालुओं को लगातार मदद मुहैया करा रहा है।

 

158 तीर्थयात्री हिलसा लाए गए

 

बताया जा रहा है कि हिलसा में बारिश और खराब मौसम की चपेट में आए 158 कैलास मानसरोवर तीर्थयात्रियों को सिमीकोट से हिलसा लाया गया है। श्रद्धालुओं को बचाने के लिए नेपालगंज से सिमिकोट के लिए 7 फ्लाइट संचालित की जा रही हैं। इस बीच आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के श्रद्धालु जी सुब्बाराव की नेपाल के हिलसा में मौत हो गई। उनके शव को नेपालगंज लाया गया है। यहां पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को गृहनगर में भेजा जाएगा।

 

 

हॉटलाइन नंबर जारी

 

भारतीय दूतावास लगातार नेपालगंज, सिमिकोट और हिलसा में हालात पर नजर बनाए हुए है। मंगलवार सुबह यहां मौसम काफी खराब हो गया और उड़ानों के संचालन में भी मुश्किल आ रही है। नेपाल में भारतीय दूतावास ने यात्रियों और उनके परिजनों के लिए अलग-अलग भाषाओं में हॉटलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

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