पूर्वोत्तर में बाढ़ से 12 मरे, असम, मणिपुर में हालात चिंताजनक

गुवाहाटी : पूर्वोत्तर में बाढ़ के हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। मणिपुर में चार लोगों और त्रिपुरा में एक व्यक्ति की मौत के साथ पूरे उत्तर-पूर्व में बाढ़ की विभीषिका से एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है।

कुछ इलाकों में ट्रेन सेवा ठप्प होने और बाढ़ की तेज धारा में सड़कों के बह जाने से असम, त्रिपुरा और मणिपुर में आम जन जीवन पर असर पड़ा है। असम में आज हालात और गंभीर हो जाने से राज्य के सात जिलों में तकरीबन चार लोग प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य के होजाई, कर्बी आंगलांग, गोलाघाट, करीमगंज, हैलाकांडी और कछार जिलों में तकरीबन चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा हैलाकांडी और उसके बाद करीमगंज में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है।

मणिपुर में आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राज्य में बाढ़ग्रस्त दो जिलों में 1.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इम्फाल घाटी में स्थिति बदतर हो गई है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ से लगभग 12,500 मकान क्षतिग्रस्त हो गये और 5,200 लोग क्षेत्र छोड़कर बाहर चले गये है। मणिपुर में बाढ़ के कारण खराब स्थिति पर चिंतित राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने आज कहा कि बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अपनी एक दिन का वेतन राज्यपाल राहत कोष में देने का एलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए दूसरों से भी आगे आने की अपील की है।

उधर त्रिपुरा में बारिश के कारण खोवई नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस गया जिससे हजारों लोग बेघर हो गये और सड़कों तथा फसलों को नुकसान पहुंचा। बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

बाढ़ से उनाकोटी जिले में कलीलाशहर सब डिविजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है । बाढ़ के कारण 21,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में हैं। मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव ने आज कलीलाशहर सब डिविजन का दौरा किया ।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक मिजोरम में बाढ़ के कारण अब तक 1,066 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा दक्षिण मिजोरम का लुंगलेई जिला प्रभावित हुआ है। तलाबुंग कस्बा और पास के गांव बाढ़ की चपेट में है।

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