मेक इन इंडिया के जरिए भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फोन निर्माता: प्रधानमंत्री

नोएडा :

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्र की महत्वाकांक्षी पहल ‘ मेक इन इंडिया ’ की तारीफ करते हुए कहा कि इस पहल से प्रोत्साहन पाकर भारत दुनिया में दूसरा बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। पिछले चार साल में मोबाइल फोन बनाने वाले कारखानों की संख्या दो से बढ़कर 120 पर पहुंच गई है।

 

प्रधानमंत्री आज यहां दिल्ली से सटे नोएडा में दक्षिण कोरिया की बहुराष्ट्रीय कंपनी सैमसंग के मोबाइल विनिर्माण कारखाने के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन भी मौजूद थे।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन बनाने वाले कारखानों की संख्या बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र में चार लाख रोजगार पैदा हुये हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े कारखानों में निवेश दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ भारत के आर्थिक और वाणिज्यक रिश्तों की बुनियाद के पत्थर हैं। मोदी ने कहा , ‘‘ मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने की हमारी पहल न केवल हमारी आर्थिक नीति का हिस्सा है बल्कि दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिये प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। ’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 40 करोड़ लोगों के पास स्मार्टफोन है जबकि 32 करोड़ लोग ब्राडबैंड इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। इंटरनेट डाटा काफी सस्ता है और फाइबर आप्टिक नेटवर्क देश में एक लाख से अधिक गांवों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा बड़ा विनिर्माता है। देश में मोबाइल फोन सस्ता है, हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध है और डाटा सस्ता होने के साथ ही यह विभिन्न सेवाओं की त्वरित और पारदर्शी तरीके से डिलीवरी सुनिश्चित कर रहा है।

 

 

मोदी ने कहा कि सरकार ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) बनाया है। इसके जरिये सीधे उत्पादकों से खरीदारी की जा रही है जिसका लाभ लघु एवं मध्यम उद्यमियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा बिजली और पानी के बिलों का भुगतान, स्कूल-कालेजों में दाखिला और भविष्य निधि तथा पेंशन सभी कुछ आज आनलाइन हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में तीन लाख साधारण सेवा केन्द्र हैं जिनके जरिये इंटरनेट सेवायें अब गांवों में भी उपलब्ध हैं। शहरी क्षेत्र में निशुल्क वाई-फाई हाटस्पॉट से गरीब और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।

 

दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स के इस कारखाने की हर साल 12 करोड़ स्मार्टफोन बनाने की क्षमता है। इसमें कंपनी के सबसे सस्ते स्मार्टफोन से लेकर आधुनिक एस9 मॉडल के फोन का विनिर्माण होगा। सैमसंग के इस कारखाने का 5,000 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार किया गया है। इसमें तैयार होने वाले 30 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्यात किया जायेगा।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरियाई कंपनियों के उत्पाद भारत के हर घर में मिल जायेंगे। सैमसंग कई तरह के उत्पाद तैयार करता है। स्मार्टफोन के मामले में सैमसंग दुनिया में सबसे आगे हैं। सैमसंग का भारत में अनुसंधान एवं विकास केन्द्र था अब बड़ा विनिर्माण केन्द्र भी हो गया है।

 

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने इस अवसर पर कहा कि कोरियाई कंपनियां भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि में बढ़ चढ़कर योगदान कर रही है। सैमसंग के इस जैसे कारखानों से भारतीयों के लिये अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस कारखाने में 2,000 नये रोजगार पैदा होंगे। मून जे इन ने युवा भारतीय उद्यमियों की सराहना की। उन्होंने साफ्टवेयर क्षेत्र में भारतीयों के कौशल को सराहा। उन्होंने कहा कि कोरिया वाणिज्यिक प्रौद्योगिकी और हार्डवेयर के क्षेत्र में मजबूत है।

 

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने कहा कि इस कारखाने में बनने वाले स्मार्टफोनों को पश्चिम एशिया, अफ्रीका को निर्यात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरियाई सरकार इसे समर्थन देने के लिये हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया एक दूसरे के मामले में पूरक क्षमता रखते हैं।

 

प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति आम नागरिकों की तरह मेट्रो के जरिए पहुंचे नोएडा

 


इससे पहले समारोह स्थल तक पहुंचने के लिये मोदी और राष्ट्रपति मूल जे इन ने दिल्ली मेट्रो रेल की सवारी की। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने रास्ते में स्टेशन पर खड़े लोगों का हाथ हिला कर अभिवादन किया और आपस में नोट का आदान प्रदान किया। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के एक प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेता शाम 4 बजकर 36 मिनट पर मंडी हाउस स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन पर सवार हुए और ब्लू लाइन से बोटेनिकल गार्डन स्टेशन गए । प्रवक्ता ने कहा कि वे सामान्य ट्रेन पर टोकन लेकर यात्रियों के साथ सफर किये और इसके कारण ब्लू लाइन की सेवाओं में कोई देरी नहीं हुई । कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी दोनों नेता मेट्रो की सवारी के जरिए ही वापस दिल्ली लौटे।

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