केरल में तबाही की बारिश, 26 की मौत, कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी, सेना-नौसेना ने संभाली कमान

तिरुवनंतपुरम :

 

केरल के अलग-अलग इलाकों में गुरुवार तड़के भारी बारिश और भूस्खलन के चलते अब तक करीब 26 लोगों की मौत हो गई है। आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के अनुसार, इडुक्की में भूस्खलन में 10, मलप्पुरम में 5, कन्नूर में 2 और वायनाड जिले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई। वायनाड, पलक्कड ओर कोझिकोड जिलों में एक-एक व्यक्ति लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल सेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंच चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

 

राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने कहा कि वर्षा जनित घटनाओं में अब तक 26 लोग मारे गए हैं जिनमें 17 की मौत इडुक्की और मलपुरम जिलों में भूस्खलन के कारण हुई है। इडुक्की के एक अडीमाली शहर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर दो लोगों को मलबे से जिंदा बाहर निकाला है। भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं जिस कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 24 बांधों को खोल दिया गया है। एशिया के सबसे बड़े अर्ध चंद्राकार बांध इडुक्की जलाशय से पानी छोड़े जाने से पहले रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि राज्य में पिछले दो दिनों में दस हजार से अधिक लोगों को 157 राहत शिविरों में भेजा गया है। सरकार ने लोगों से ऊपरी इलाकों और बांध वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।

 

बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से इडुक्की बांध का पानी का स्तर काफी ज्यादा हो गया था जो 26 साल खोला गया। गुरुवार सुबह करीब 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे जल स्तर 169.95 मीटर पर पहुंच गया। इडुक्की बांध में गुरुवार सुबह आठ बजे तक जल स्तर 2,398 फीट था जो जलाशय के पूर्ण स्तर के मुकाबले 50 फीट अधिक था।

 

जानकारी के मुताबिक, नौसेना की ओर से दक्षिणी कमांड ने वयानड में फंसे लोगों को बचाने के लिए गोताखोंरों की चार दल और एक सी किंग हेलिकॉप्टर भेजा है।

 

इसके अलावा थल सेना की ओर से भी अयान्नकुलु, इदुक्की और वयानड में लगभग 75 जवानों की टीम भेजी गई है। दो और टीमें कोझिकोड और मलप्पुरम भेजी जा रही हैं। जल्द ही इंजिनियरिंग टास्क फोर्स की तीन टीमें भी भेजी जाएंगी।

 

राज्य के बाढ़ग्रस्त इलाकों में एनडीआरएफ की नौ टीमें के साथ ही एक बोर्डिंग एयरक्राफ्ट राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।

 

राष्ट्रपति कोविंद ने जताया शोक

 

केरल में आई अप्रत्याशित बाढ़ में हुई मौत पर राष्ट्रपति कोविंद ने शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उन्होंने सरकार एवं राहत एव बचाव एजेंसियों से इस आपदा की घड़ी में राज्य के लोगों की हरसंभव मदद करने की अपील की है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन से फोन पर बात करके राज्य में आई इस आपदा का ब्यौरा लिया। प्रधानमंत्री ने इस अप्रत्याशित बाढ़ से निपटने के लिए राज्य सरकार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है।

 


रेलवे ट्रैक को भी हुआ नुकसान

 

भारी बारिश के चलते बुधवार को कांजीकोड और वालायर के बीच रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है। इस रूट पर रेल सेवाएं रोक दी गईं हैं। डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) और अन्य अधिकारियों ने यहां का दौरा भी किया। इस रूट को पर ट्रैक को ठीक करने का काम जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही इसे शुरू किया जा सकेगा।

 

प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कोझिकोड और वायनाड जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल कोझिकोड पहुंच गया है। केंद्र से उत्तर केरल के लिए दो टीमें भेजने के लिए कहा गया है। बारिश के कारण इडुक्की, कोल्लम और कुछ अन्य जिलों में शैक्षिक संस्थानों में गुरुवार को छुट्टी घोषित की गई।

 

एर्नाकुलम के पथालम स्थित निचले इलाकों में बने घरों में पानी घुसने से यहां रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। केरल अग्नि और राहत विभाग मोटरबोट की मदद से लोगों को निकालने का प्रयास कर रहा है।

 

कोचीन हवाई अड्डे पर विमानों की लैंडिंग पर लगी रोक

 

उधर कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) ने पेरियार नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए हवाईअड्डा क्षेत्र के जलमग्न होने की आशंका के तहत यहां विमानों की लैंडिंग पर रोक लगा दी है। सीआईएएल नदी के निकट स्थित है। सीआईएएल के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘ऐहतियाती कदम उठाते हुए हम दोपहर एक बजकर 10 मिनट के बाद विमानों की लैंडिंग रोक रहे हैं।’

 

इससे पहले हवाई अड्डे के निकट स्थित एक नहर का जलस्तर बढ़ने के बाद एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे की स्थिति की समीक्षा की। यह फैसला तब लिया गया है जब इदामलयार बांध के चार दरवाजों को अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के लिए आज सुबह खोल दिया गया। जांच-परख करने के लिए इडुक्की बांध का भी एक दरवाजा आंशिक तौर पर खोला गया है। बांध के दरवाजों को खोलने की वजह से पेरियार नदी का जल स्तर बढ़ गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *